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खलवानी इको- टूरिज्म

इको-पर्यटन सेक्टर:

खलवानी इको-टूरिज्म: गोडबोले गेट से छोड़े गए जल द्वारा बनाई गई बारहमासी धारा के किनारे डाइक-4 के पास स्थित है खलवानी इको-टूरिज्म। यह इलाका यहाँ के विशिष्ट पर्णपाती जंगलों की पहाड़ियों से घिरा हुआ है। पक्षियों की चहचहाहट, नर्मदा का कल-कल बहता पानी, विशाल अविरल

पर्यटकों के लिए यहाँ कई गतिविधियाँ हैं, जैसे:

  • बर्ड-वॉचिंग: अलग-अलग नदियों और पहाड़ों से गुजरता हुआ एक बर्डिंग ट्रेल बनाया गया है।
  • तितलियों के साथ नाश्ता: यह जंगल 100 से अधिक तितलियों की प्रजातियों का घर है। कैंप के आसपास लार्वा पनपने वाले पौधे और पराग देने वाले पौधे उगाये गये है। आगंतुक इन तितलियों को देखने का आनंद कैंप से ले सकेंगे।
  • रेस्तरां के लिए गज़ेबो
  • ट्री वॉकःयह एक वन पगडंडी है। यह पगदंडी पुष्प विविधता के अधिकांश प्रकारों को सम्मिलित करती है। वनस्पति विज्ञान मे रुचि रखनेवाले लोगों के अध्ययन और उनके ज्ञानप्राप्ति के लिए यह एक मुख्य आकर्षण होगा।
  • फिश पेडीक्योर
  • साइकलिंग: वन रास्तों पर जाने के लिए साइकिल उपलब्ध कराई जाती है।

आगंतुकों को घुड़सवारी, रिवर क्रॉसिंग, बर्मा ब्रिज, रिवर राफ्टिंग, ट्यूबिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और रैपलिंग जैसी गतिविधियाँ रोमांचित करेंगी।पर्यटक आदिवासी चाय या हर्बल कावे का स्वाद चखकर खुद को आदिवासी संस्कृति से परिचित कर सकते हैं।

इसके अलावा जामुन, आंवला, इमली, आम आदि जैसे स्थानीय फलों के रस और पारंपारिक आदिवासी भोजन का भी पर्यटक लुत्फ उठा पाएंगे। आगंतुक हर्बल रंगों का उपयोग कर चित्रकला कर सकते हैं। वे मुर्गी पालन, मिट्टी के बर्तन, तीरंदाजी जैसी पारंपारिक कलाओं का भी ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।यहां प्रकृति प्रेमी आगे बढकर वन संरक्षक बन सकते हैं। कैंपसाइट मे प्रकृति और पर्यावरण से संबंधित राष्ट्रीय और आंतर्राष्ट्रीय विशेष दिनों का जश्न मना सकते हैं। नर्सरी और ट्री प्लांटेशन का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। पर्यटक यहां प्रकृति संरक्षा से जुडी शिविरों मे भी सम्मिलित हो सकते हैं।

यहां पर्यटक सोविनर शॉप से याद के तौर पे स्मृति-चिन्ह ले जा सकते हैं। वे केम्प साइट के विभिन्न केन्द्रों से हर्बल उत्पाद भी खरीद सकते हैं।

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